साहित्य

रचना शीर्षक

एस के कपूर

।जिओ एक मिसाल बेमिसाल किरदार बनकर।

।।विधा।।मुक्तक।।

प्रेम की निगाह और दिल में अहसास रखो।

अपने ऊपर तुम हमेशा विश्वास रखो।।

हर नजर में तेरे मोहब्बत हो मिली हुई।

सदभाव को भी हमेशा अपने पास रखो।।

2=

हर आदमी को समझने की नजर खास रखो।

हर आदमी की पीठ पर तुम हाथ शाबास रखो।।

मानवता का दामन तुमसे कभी छूटे नहीं।

दिल में हमेशा ही संवेदना का आभास रखो।।

3=

तरकश में तीर साथ आँखों में नीर भी रखो।

बसा कर दिल में अपने पराई पीर भी रखो।।

काम आओ सबके सुख- दुख दर्द में तुम।

दूर हर व्यसन से अपना यह शरीर भी रखो।।

4=

मत गलत तुम कभी कोई तकरीर रखो।

हर किसी के लिए रहम की लकीर रखो।।

जोड़ना ही जिंदगी और तोड़ना तो विनाश है।

बदल सके बुरे हालात ऐसी तरकीब रखो।।

5=

सोचो बड़ा मगर जरूरत को तरतीब रखो।

हौसलों की हाथ में हमेशा शमशीर रखो।।

हर दिल में जगह बनाओ अपने नाम की तुम।

मिसाल बेमिसाल जिंदगी एक नजीर रखो।।

रचयिता।।एस के कपूर”श्री हंस”

बरेली।।.

skkapoor

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