साहित्य

नमन मंच भगवान श्री जगन्नाथ

डॉ उषा अग्रवाल

सारे जग के स्वामी मेरे, भगवान जगन्नाथ।

पूरी करते भक्तों की आशा, भगवान जगन्नाथ।।

 

कृष्ण भाव का रूप लिए, भगवान जगन्नाथ।

बलराम सुभ्रदा संग में , भगवान जगन्नाथ।।

 

काष्ठ रूप में तन धारण कर भगवान जगन्नाथ।

हृदय आज भी धड़क रहा करें कृपा जगन्नाथ।।

 

उड़ीसा पुरी विराजे अद्भुत भगवान जगन्नाथ।

दर्शन करने भक्त जो आते जो मांगे वह पाते।।

 

भाई बहन संग अपनी मौसी के धर जाते।

आषाढ़ी दौज के दिन यह परम्परा निभाते।।

 

रथ में बैठकर प्रभु जाते, अपनी मौसी धाम।

तीन रथों की रथयात्रा रस्सी खीचें करें प्रणाम। ।

 

अद्भुत महिमा देखो उनकी सात हांडी चढ़ती।

सबसे उपर पहले पकती बाद में सबसे नीचे।।

 

वर्ष एक में रथयात्रा छतरपुर में भी निकले।

जलविहार का आनंद लेते भक्तों को भी देते।।

 

स्वरचित सर्वाधिकार सुरक्षित

डॉ उषा अग्रवाल जलकिरण

छतरपुर मध्यप्रदेश

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!