साहित्य

गोस्वामी तुलसी दास जन्म जयंती

डॉ.विनय कुमार

महाकवि गोस्वामी तुलसी,दास की है जयंती।

रामबोला दुबे जी की,ये पावन जन्म जयंती।।

 

श्रावण शुक्ला सप्तमी,कवि तुलसी धरे शरीर।

ग्यारह अगस्त चौदह सौ सत्तांबे,जन्मी शरीर।।

 

सोरों शूकरक्षेत्र कासगंज में,जन्में भक्त रघुवीर।

रामचरितमानस के रचयिता,तुलसी दास वीर।।

 

कृति विनयपत्रिका,हनुमान चालीसा दोहावली।

वैराग्य संदीपनी,जानकी मंगल है कवितावली।।

 

पार्वती मंगल आदि,प्रसिद्ध तुलसीकृत रचनाएं।

महाकवि तुलसीदास की ही सुप्रसिद्ध रचनाएं।।

 

तुलसी कथन “सीयराममय सब जग जानी।

आगे कहते- करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी।।

 

तुलसी जयंती है जिनके,आराध्य प्रभु रघुवीर।

श्रीराम गाथा गाए,गोस्वामी तुलसीदास वीर।।

 

तुलसी जी कहे ‘कर्म प्रधान विश्व करि राखा’।

वे कहे ‘जो जस करहिं सो तस फल चाखा’।।

 

गोस्वामी तुलसीदास ने,निज मुँह से है भाखा।

राम चरित मानस रचना,में लिख यह भाखा।।

 

अपने जीवन में कर्म,देव,दानव सभी हैं करते।

कर्म के कारण ही उनको सुर-असुर हैं कहते।।

 

हरेक इंसान को जीवन में,ऐसा कर्म है करना।

मोक्ष मिले जिससे,भवसागर पार है उतरना।।

 

तुलसी कहते कर्म से,सभी पाप-पुण्य हैं होते।

दोनों फल मिलते ,कुछ सुख भोगें कुछ रोते।।

 

मानस में पढ़ें कृत्य, बालि का देखें बुरी नजर।

कृष्स्किंध नरेश का हुआ है,अंत में क्या हश्र ?

 

पत्नी रत्नावली के डाट ने महाकवि है बनाया।

प्रभु श्रीराम में कविआस्था,रामचरित रचाया।।

 

पत्नी मोह त्याग तुलसी ने रच दिया इतिहास।

श्रीरामचरितमानस,पुण्य ग्रन्थ सनातन खास।।

 

जन्म-मरण दिवस द्वय,श्रावण शुक्ला सप्तमी।

जन्म शुक्रवार मृत्यु गुरुवार,तिथि थी सप्तमी।।

 

तीस अगस्त सोलह सौ तेईस,असी गंगा तीर।

श्रावण शुक्ला सप्तमी,तुलसी ने तजा शरीर।।

 

महाकवि तुलसीदास,काव्य पुष्पांजलि अर्पित।

शत-शत नमन हमारा,ये शब्दांजलि समर्पित।।

 

सर्वाधिकार सुरक्षित ©®

 

रचयिता :

*डॉ.विनय कुमार श्रीवास्तव*

सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रवक्ता-पी.बी.कालेज,प्रतापगढ़,उ.प्र.

(शिक्षक,कवि,लेखक,साहित्यकार एवं समाजसेवी)

संपर्क : 9415350596

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