साहित्य

हुई आजादी अमृतकाल महोत्सव पर 80 की।  हर घर तिरंगा

Manju Gupta

मरहठा छंद

है दिव्य तिरंगा ,भव्य तिरंगा , भारत माँ की शान।

दे वीर – शक्ति है , देश – भक्ति है, जन -गण -मन का गान।।

है मिट्टी चंदन, करते वंदन , भारत की पहचान ।

यह राष्ट्र गर्व है , अमृत पर्व है , स्वतंत्रता की तान ।।

2

दी है आजादी , सुख हर वादी , सत्य अहिंसा राह।

हो जग गुरु भारत , करते चाहत , देता मन उत्साह।।

ध्वज लहरा हर घर , अंदर – बाहर , सजित हिमालय राज।

जन दे कुर्बानी , हर सेनानी, करती दुनिया नाज।।

3

है लहर तिरंगा , डगर तिरंगा , लहराया हर हाथ।

बन कीर्ति चमक यह, प्रीति दमक यह , चमका लेकर साथ।।

है देश लाज यह , भूत आज यह , भारत बना महान।

की खत्म गुलामी , करें सलामी , बूढ़ा बड़ा जवान।।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!