साहित्य

वो गली वो मकान

डॉ रामशंकर

मध्य प्रदेश आदिवासी जिले झाबुआ में जन्मे इस साधारण शिक्षक ने अपनी सालो की साधना और तपस्या से वो इतिहास रचा है जो सदियों याद किया जायेगा

इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित कृतियों में शामिल चर्चित रूह प्रेम कथाओं की कालजयी,कृति वो गली वो मकान जो पूर्व रूह प्रेम मलिका अमृता प्रतीम सम्मान से सम्मानित हो चुकी हैं उसे आज देश की बेहद चर्चित अंतरराष्ट्रीय प्रतिभा मंच लखनऊ द्वारा एक चयन समिति में रखा गया जिसे इस वर्ष का अद्भुत सम्मान सुमित्रानंदन पंत द्वारा नवाजा गया जिसकी सूचना मंच लखनऊ की संचालक और ख्यात साहित्य साधक डॉ प्रतिभा सिंह द्वारा डॉ रामशंकर चंचल को देते हुए उन्हें यह अद्भुत सम्मान दिया गया

 

गर्व महसूस करते हुए डॉ रामशंकर चंचल झाबुआ ने मंच की संचालक और देश की महान व्यक्तित्व साहित्य साधक ख्याति प्राप्त लखनऊ की वकील डॉ प्रतिभा सिंह जी को उनकी चयन समिति का आभार व्यक्त किया और इस ईश्वरीय आशीष को भी झाबुआ की पावन पवित्र धरा को भेंट करते हुए ईश्वर का आराध्य रूह का आभार व्यक्त करते उन्हें सत् सत् प्रणाम किया

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