साहित्य

कव्वाली

सुषमा दीक्षित शुक्ला

कव्वाली

इससे पहले के भूल जाएं वो,
यार उनसे किनारा कर लेना ।
तोड़ के दिल छोड़ जाएं वो ,
यार खुद को आवारा कर लेना ।

इससे पहले0000002
repeat

इश्क़ में बेवफ़ाई ,
झेलना नहीं आसां ।
हाँ इश्क में बेवफ़ाई 0002
दिलों के खेल ,
खेलना नहीं आसां।
हाँ नहीं आसां हाँ नहीं आसां
इससे पहले कि मिले तन्हाई
यार उनसे किनारा कर लेना ।
इससे पहले कि000002
तोड़ के दिल 00002 ।

आजकल प्यार, मिला करता है ,
बस ख़यालों में ।
हाँ आजकल प्यार 0000repeat
इश्क की राह घिरी रहती है ,
बस सवालों में । 002
हाँ सवालों में हां सवालों में ,।

इससे पहले कि वो बदल जाएं ,
यार उनसे किनारा कर लेना ।
इससे पहले 000002
तोड़ के दिल 00002 ।

इश्क के झूठे ,
दस्तावेज़ लिखे जाते हैं ।
हाँ लिखे जाते हैं ।2
प्यार के नाम पे ,
पर लोग बिके जाते हैं ।
हाँ बिके जाते हैं 2।

इससे पहले के गुनाह हो जाये ,
यार उनसे किनारा कर लेना ।
हाँ कर लेना ,,,,,,,।
इससे पहले कि भूल जाएं वो ,
यार उनसे किनारा 000002 ।
तोड़ के दिल साथ छोड़ें वो
यार ख़ुद को आवारा कर लेना ।

सुषमा दीक्षित शुक्ला
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