
मां का वात्सल्य पिता का स्वाभिमान है हिंदी,
जैसे भारत माता के ललाट पर चमकती बिंदी।
दिल के भावों को पल में प्रकट कर जाती है,
अपनी सादगी से जैसे सब का मन मोह जाती है।
हिंदी भाषा दिल को दिल से पल भर में जोड़ जाती है,
बड़ी सादगी से हिंदू संस्कृति सबको समझाती है।
हिंदी विश्व में सब भाषा में से सबसे सरल है भाषा,
हिंदी विश्व में मान पायें यही सबकी अभिलाषा।
हिंदी भाषा से होता है संपूर्ण संसार में अभिव्यक्ति का संचार,
हिंदी भाषा से बढ़ता है लोगों में अनोखा प्यार।
हिंदी को सम्मान देकर इसे सारे विश्व में स्थापित करो,
हिंदी में बातचीत कर खुद को गौरवान्वित करो।
आज विश्व हिंदी दिवस पर हम सब मिलकर यह प्रतिज्ञा करें,
हिंदी पढ़े हिंदी बोले और हिंदी का प्रचार प्रसार करें।
गर्व से कहें हम हिंदुस्तानी हैं हिंदी हमारी भाषा,
हमारी हिंदी विश्व स्तर पर जाएगी मन में रखें यह आशा।
सौ, भावना मोहन विधानी
अमरावती महाराष्ट्र



