
दस जनवरी है यादगार
यह है विश्व हिन्दी दिवस।
यह है अनुपम व लाभकारी
जो है फैलाती ज्ञान और यश।
इस दिवस की गाथा है निराली
इसे संजोए थे कई विद्वान।
ये एक सूत्र में बांधकर
भारत को बनाए हैं महान।
हिंदी की हो रही उत्तरोत्तर
विकास और अमिट पहचान।
ये सफलीभूत होकर
पाठकों के बीच बनी है शान।
साहित्य अमर है,अमर रहेगा
भारतेंदु ने दिया योगदान।
दिनकर की अद्भुत है गाथा
इन्होंने दिलाया भारत की शान।
दुर्गेश मोहन
बिहटा, पटना(बिहार)




