लोहड़ी आई खुशियाँ लाई,
चारों ओर रौशनी छाई।
सर्दी की ठिठुरन को भूलो,
अग्नि की परिक्रमा कर लो।
डालो गिद्दे भांगड़ा पाओ,
नाचो, गाओ ढोल बजाओ।
गुड़, रेवड़ी, मूंगफली बांटो,
प्यार और मिठास फैलाओ।
कृषकों की मेहनत का तोहफा,
नई फसल की खुशी मनाओ।
भूल पुराने गिले, शिकायत ,
प्यार से सब को गले लगाओ।
लोहड़ी के इस पावन दिन पर,
उल्लास जोश से जश्न मनाओ।।
– सुमन पंत ’सुरभि’
लोहड़ी दीयां लख लख बधाईयां सबनूँ, सारैयां दे जीवन में उजियारा होवे ते आपसी मिठास बणी रवै ।💐💐




