
धारण सिंदूरी वर्ण वसन
शोभायमान शार्दुल वाहन
उर अलंकृत अनुपम हार
सुसज्जित सम्पूर्ण सिंगार
मांग सिंदूर पूर्ण विराजित
रत्न जड़ा टीका विभूषित
मंद मधुर मोहक मुस्कान
सौंदर्य, सौम्यता की खान
करें वात्सल्य प्रेम पूर्ण वृष्टि
समग्र रखें अपनी कृपादृष्टि
दुर्गुण मूल नाश करें त्रिशूल
सरलता से क्षमा सब भूल
अखिल जग महिमा प्रसार
अन्तःसमाहित जीवन सार
हे सौभाग्यवर्धिनी जगदंबा
वंदन स्वीकारो जय अम्बा
मीनाक्षी शर्मा ‘मनुश्री’
गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश)




