
– मन- श्वासों पर कर लो नियंत्रण।
नित्य करें सब करें योग को ही अर्पण ।।
आत्म- जागरूक होंगे मन वचन कर्म से ।
शांति और सौहार्द होगा भय ना होगा धर्म से ।।
यही तो अध्यात्म है जुड़ने और मिलने का ।
आसान और प्राणायाम सहज ईश मिलने का।।
ध्यान और चिंतन में सत्य की परम खोज।
सबमें ईश्वर का बास योग में दिखेगा ओज।।
योग देता स्वास्थ्य लाभ जीवन जीने की कला ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस दूर करता हर बला।।
स्वरचित: डाॅ. रेखा सक्सेना
मुरादाबाद ,उत्तर प्रदेश ।
मौलिक, अप्रकाशित
20-06-2026




