
“”राग, रागिनी, घोड़ा, हाथी,
उल्लू, कउवा, गिद्ध।
गुणा,गड़ित इतिहास, संस्कृत,
भारत हव ई सिद्ध।।
डॉ नवीन मौर्या “फायर बनारसी”काशी।

“”राग, रागिनी, घोड़ा, हाथी,
उल्लू, कउवा, गिद्ध।
गुणा,गड़ित इतिहास, संस्कृत,
भारत हव ई सिद्ध।।
डॉ नवीन मौर्या “फायर बनारसी”काशी।