
लौहार देव बाबा का पहचान
बिशाल वटवृक्ष आज भी खड़ा हूं
बाबा जी के छाया का आधार हूं
उनकी कृपा से मै भी पूजा जा रहा हूं
बाबा धाम में पधारे महानुभावों को
शीतल छाया दे रहा हूं
तलाव के पास रहकर सदा हरा-भरा हूं
बारहो मौजा दुबान बंश का
शान हूं मै
लौहार देव बाबा का पहचान हूं मै
मेरी छाया का आनंद पशु-पक्षी भी ले रहे हैं
बाबा की कृपा से
हमारी ताकत और हरियाली बढ़ रही है
मै जड़ से तने तक आज भी ठीक ठाक हूं
बाबा के दया दुआ से ओत-प्रोत हूं
मै सदैव बाबा को छाया से शीतल रखूं
यही मेरी अंतिम चाहत है
जनकल्याण हेतु जय हो लौहार देव बाबा की
जय हो लौहार देव बाबा की
विनोद कुमार सीताराम दुबे शिक्षक/हिंदी प्रचारक भांडुप मुंबई महाराष्ट्र
संस्थापक इन्द्रजीत पुस्तकालय सीताराम ग्रामीण साहित्य परिषद सामवन्ती ग्राम महिला विकास मंडल जुडपुर मड़ियाहूं जौनपुर उत्तर प्रदेश




