
तिरंगा अपनी शान है, भारत की पहचान है,
इसकी खातिर वीरों ने, दे दी अपनी जान है।
केसरिया रंग कहे हमें, बलिदान की राह पकड़ो,
श्वेत रंग सिखाए सबको, सच्चाई का दीप जलाओ।
हरा रंग हरियाली का, जीवन में रंग भरता,
हर धर्म को साथ लिए, भाईचारा यह रचता।
बीच में जो चक्र घुमे, कर्म की प्रेरणा लाया,
हर पल चलने की सीख, अशोक चक्र ने दिलवाया।
पर्वत सा अडिग रहे हम, झुके न कोई ध्वज तले,
हवा में जब लहराए यह, गर्व से सर हो उठ चले।
आज़ादी की याद दिलाए, हर लहर इसकी पुकार,
भारत मां के आँचल जैसा, तिरंगा है सिरताज।
सैनिक जिसकी रक्षा करते, सीने पे गोली खाते,
फिर भी मुस्कान लिए, देशभक्ति गीत सुनाते।
गणतंत्र या स्वतंत्रता, हर दिन ये सजता है,
जन-जन के दिल की धड़कन, तिरंगा ही बसता है।
तूफ़ानों से न डरता ये, आंधी भी हार जाए,
जब देश पुकारे इसे, तिरंगा झंडा लहराए।
इस पर कोई दाग न आए, यही हम सबकी शपथ,
तिरंगा ऊँचा रहे सदा, यही हमारी सत्य पथ।
डाॅ सुमन मेहरोत्रा
मुजफ्फरपुर, बिहार



