
दर्शन पाकर रामलला के, अवध नगर है हर्षाया।
राम बिराजे हैं मंदिर में, भगवा झंडा लहराया।।
राम लक्ष्मण सीता मैया, बजरंगी भी आए हैं।
सत्य-धर्म को जगह मिल गयी,भक्त सभी अब धाए हैं।।
कलयुग में त्रेता को पाकर, जन-जन का मन हुलसाया।
दर्शन —-
राम नाम को नित जपनें से, मन निर्मल शुचि हो जाता।
मिट जाती है सकल तमसता,सात्विक भाव उभर आता।।
हर बाधा सत्वर मिट जाती, पुलकित होती है काया।
दर्शन—-
राम नाम के हीरे मोती,लूट सभी जन लो आकर।
धन्य सफल यह जीवन होगा, दिव्य खजाना को पाकर।।
तन-मन-धन सब कुछ अर्पण कर,तज मानव जग की माया।
दर्शन———-
महिमा रघुनंदन की गाओ, हृदय कलुषता को धोलो।
शुभ दिन शुचि संकल्प करो सब,जय श्री राम सदा बोलो।।
वर्षों से जो आस लगाई, देखो वह पल है आया।
दर्शन —
कथनी करनी को सम रखकर,मर्यादित जीवन जी लो।
मन आह्लादित सदा रहेगा, राम नाम मधुरस पी लो।।
विजय आज हम सब ने पाई, सरयू तट भी मुस्काया।
दर्शन—-
डॉ गीता पांडेय अपराजिता
रायबरेली उत्तर प्रदेश
941571 8838



