
आज अवध में बँटे बधाई, छाई अजब बहार जी ।
रामलला का जनम हुआ है, खुशियाँ अपरम्पार जी ।।
चैत्र सुदी नवमी को जन्मे, दशरथ नन्दन राम जी ।
हर्षित है कौशल्या माई, ममता है निष्काम जी ।।
विष्णु जी के अवतारों में, सप्तम ये अवतार जी ।
रामलला का जनम हुआ है, खुशियाँ अपरम्पार जी ।।
अद्भुत रूप निहारे माता, बालक है ये खास जी ।
हाथ जोड़ कर विनती करती, छोड़ो ये उपहास जी ।।
देवरूप है ये बालक तो, लिए भुजाएं चार जी ।
रामलला का जनम हुआ है, खुशियाँ अपरम्पार जी ।।
ऋषि मुनि ज्ञानी चलकर आए, दर्शन दो अभिराम जी ।
पुण्य धरा ये हुई आज से, बना अयोध्या धाम जी ।।
मानव रूप लिए खुद आए, जग के तारण हार जी ।
रामलला का जनम हुआ है, खुशियाँ अपरम्पार जी ।।
धर्म ध्वजा फहराने आए, शबरी के भगवान जी ।
मर्यादा पुरुषोत्तम है ये, मानवता की शान जी ।
त्रेता युग में किया राम ने, रावण का संहार जी ।
रामलला का जनम हुआ है, खुशियाँ अपरम्पार जी ।।
नीलम अग्रवाल रत्न बैंगलोर 🙏🙏



