
नव संवत्सर का शुभ प्रभात,
लेकर आया नव विश्वास।
जीवन में नव रंग भरें,
मिट जाए हर एक त्रास।
मां दुर्गा का पावन आगमन,
साथ लिए शक्ति का संचार,
नवरात्रि के शुभ नौ दिन में,
जगे भक्ति, प्रेम अपार।
घट-घट में उजियारा फैले,
मन में जगे सच्चा ज्ञान,
अधर्म, अंधेरा दूर भगाकर,
जीतें सत्य और सम्मान।
हर घर में खुशहाली आए,
सुख-समृद्धि का हो विस्तार,
नव संवत्सर, नवरात्रि मिलकर,
दे जीवन को नव आकार।
डॉ.शिवेश्वर दत्त पाण्डेय
रुड़की, उत्तराखंड




