साहित्य समाचार

साहित्यिक गोष्ठी में शब्द-साधना की गूंज

गोरखपुर। दि ग्राम टुडे प्रकाशन समूह के समूह सम्पादक डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय के गोरखपुर आगमन के उपलक्ष्य में वरिष्ठ साहित्यकार मुक्ति नाथ त्रिपाठी के आवास पर एक गरिमामयी स्वागत गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं ज्योतिषविद नन्दलाल मणि त्रिपाठी (पीताम्बर) ने की।
इस अवसर पर दिल्ली की साहित्यकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता प्रतिमा पाठक ने ऑनलाइन सहभागिता करते हुए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। गोष्ठी का शुभारंभ प्रतिमा पाठक द्वारा प्रस्तुत मां शारदे की वंदना से हुआ, जिसने पूरे वातावरण को साहित्यिक एवं आध्यात्मिक भाव से ओतप्रोत कर दिया।
कार्यक्रम में मुक्ति नाथ त्रिपाठी ने अपने प्रेरणादायी शब्दों से सभी को प्रभावित करते हुए कहा—
“दुखों से हो भ्रमित, बिखरना कभी न तुम,
राह हो कठिन पर परचम लहराना तुम…”
प्रतिमा पाठक ने चैत्र मास की शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर अपनी भावपूर्ण रचना प्रस्तुत की—
“चैत्र मास की शुक्ल नवमी, मधुमास का सुंदर उजियारा…”
डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय ने अपनी लेखनी के माध्यम से जनहित और सत्यनिष्ठा का संदेश देते हुए कहा—
सत्य लेखनी की साधना, निष्पक्ष शब्द बोलें तुम्हारे लिए
अध्यक्षीय उद्बोधन में नन्दलाल मणि त्रिपाठी (पीताम्बर) ने ओजपूर्ण पंक्तियों से सभा को ऊर्जावान किया
“निर्माण का काल, कलेवर वीरता, दृढ़ता का प्रबल प्रवाह प्रताप…”
इस अवसर पर मुक्ति नाथ त्रिपाठी द्वारा अंगवस्त्र भेंट कर डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय एवं नन्दलाल मणि त्रिपाठी का सम्मान किया गया।
अंत में मुक्ति नाथ त्रिपाठी के आभार वक्तव्य के साथ गोष्ठी का समापन हुआ।

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