
अच्छी औरतें कौन होती है?
जो चुप्पी साधे रहें या फिर जो हँसते हुए तमाशबीन हो।
क्योंकि औरतों के इतिहास मे दर्ज है : अग्नि-परीक्षा के बाद भी सीता अच्छी नहीं हो पाई
चीरहरण झेलने के बाद भी
द्रोपदी का गुणगान नहीं हो पाया लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला का त्याग लोगों को याद तक नहीं।
तो फिर ये अच्छी औरतें कौन हैं? क्या हर रोज़ मार खाती औरतें? या सरेआम पिटती औरतें? या चौके बर्तन में घिसती औरतें?
या फिर बच्चों के पीछे भागती औरतें? कौन होती हैं आख़िर अच्छी औरतें…??
स्वरचित रचना
संगीता वर्मा
कानपुर उत्तर प्रदेश




