
सात सालों का ये प्यारा सा सफर,
हर पल में बसा है तुम्हारा ही असर।
खुशियों की धूप हो या ग़म की छाँव,
हर मोड़ पर थामा तुमने मेरा हाथ।
तुम्हारी मुस्कान से रोशन है मेरी दुनिया,
तुम्हारी बातों में बसती है मेरी हर धड़कन।
साथ तुम्हारे हर मुश्किल आसान लगती है,
तुम्हारे बिना अधूरी सी हर एक कहानी लगती है।
न तुम सिर्फ़ पत्नी, तुम मेरी पहचान हो,
मेरे हर ख्वाब की तुम ही तो जान हो।
तुम्हारे संग बिताए हर लम्हे खास हैं,
तुम्हारे बिना ये जीवन कुछ उदास है।
सात सालों का ये रिश्ता और गहरा हो जाए,
हर जन्म में तुम ही मेरा सहारा बन जाओ।
बस यूँ ही हाथ थामे रहना उम्र भर,
तुम्हारे साथ ही हर खुशी का सवेरा हो जाए।
शादी की 7वीं सालगिरह की ढेर सारी शुभकामनाएं, प्रिय सरिता
अतुल पाठक
हाथरस(उत्तर प्रदेश)




