
जगत में ईश्वर सर्व व्याप्त होता
नित हम सब पर दया दिखाता
प्रभू से मिला शक्ति निर्मल होता
ईश्वर से मिला भक्ति अनोखा होता।
मानव जन्म दुर्लभ नहीं होता
निरंतर कार्यरत में लीन होता
जीवन में सुख दुखों से लड़ता
आत्म विश्वास से आगे बढ़ता।
दूसरों की भलाई करती है
गरीबों की मदद करती है
अनाथों की सेवा करती है
सभी धर्म समान मानता है।
बिना धर्म से उपकार करना
जाती प्रांत से उपकार करना
अमीर गरीब का भेद न करना
निस्वार्थ भाव से उपकार करना।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश




