साहित्य

धरती माता

सरोज बाला सोनी

विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष

धरती माता ही है हम सब के जीवन का आधार।
जन्म से ही हमें मिलता यहां खुशियों का व्यवहार।।
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अन्न धन और प्रकृति का संग मिलता अपरंपार।
चलो इस हरित संपदा को समेटे, ना जाए बेकार।।
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पेड़ पौधों को बचाएगें तो प्राण वायु का श्रोत स्वतः हमारे आस पास होगा।
मंगल ग्रह पर ऑक्सीजन है,इस खोज से पहले हमारी अपनी धरती पर ही सब मंगल होगा।।
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हमारे पूर्वजों ने बताई जो परंपरा, उसे चलो समेटे।
वातावरण को ही शुद्ध रखे, हरियाली को चारों ओर लपेटें।।
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जीवन को सरल बनाए, एक पौधा अवश्य लगाएं।
अमेज़न से कृत्रिम पौधा लाकर
ड्राइंग रूम को ना सजाएं।।
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खेत बाग सब बेच कर, उगा रहे बिल्डिंग के अंबार।
जो मिला हमें खज़ाना, मिटा कर उसे क्या पाएंगे हम अच्छा संसार।।
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आज की विषम परिस्थितियों ने बताया है बहुत कुछ।
समय की इस इबारत से हम भी अच्छा सीखने का प्रयास करें कुछ।।
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सरोज बाला सोनी
कवयित्री
लखनऊ

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