राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन, देशभर के 105 शिक्षक हुए सम्मानित

राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन, देशभर के 105 शिक्षक हुए सम्मानित
अंतर-विश्वविद्यालय शिक्षक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में सोमवार, 11 मई 2026 को “राष्ट्रीय आदर्श शिक्षक सम्मान समारोह 2026” का भव्य एवं गरिमामयी आयोजन संपन्न हुआ। प्रातः 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों, शिक्षाविदों एवं गणमान्य अतिथियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. राधाकृष्णन शिक्षक स्वयं सहायता समूह द्वारा किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रेम नारायण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण भी करते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऐसे सम्मान समारोह शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन शिक्षक स्वयं सहायता समूह की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का सराहनीय प्रयास कर रहा है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. राजीव कुमार सिंह ‘नयन’ ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समर्पित शिक्षकों का सम्मान समाज के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह समूह केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों को एक परिवार की तरह जोड़ने का कार्य भी कर रहा है। उन्होंने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था एवं अनुशासन की विशेष प्रशंसा की।
समारोह में समूह के संस्थापक डॉ. अजीत कुमार चौहान ने कविता के माध्यम से समूह की यात्रा, उद्देश्य और शिक्षकों के प्रति अपने समर्पण को प्रस्तुत किया। उनकी प्रेरणादायी पंक्तियों ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनके सम्मान से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
अपने संबोधन में डॉ. अजीत कुमार चौहान ने यह भी बताया कि समूह द्वारा शिक्षकों एवं उनके परिवारों की सहायता के लिए विशेष पहल की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि टी. कुमारी नामक एकल अभिभावक शिक्षिका की हृदयाघात से मृत्यु होने पर समूह द्वारा उनके परिवार को पाँच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि समूह का उद्देश्य केवल सम्मान समारोह आयोजित करना नहीं, बल्कि शिक्षकों और उनके परिवारों के कठिन समय में सहयोग करना भी है।
उन्होंने बताया कि समूह से जुड़े किसी सदस्य की मृत्यु होने पर उसके परिवार को चालीस लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। इसके लिए सभी सदस्यों से समूह का मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड कर अपना परिचय पत्र बनाने का आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में समूह के निदेशक भोला सिंह ने समूह की गतिविधियों एवं उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समूह लगातार शिक्षकों के सशक्तिकरण, सम्मान और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान स्थापित करने के लिए कार्य कर रहा है तथा भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।
समारोह में कोषाध्यक्ष प्रमोद पाल, कार्यक्रम प्रबंधक संतोष माने एवं प्रोफेसर धनंजय कुशवाहा की गरिमामयी उपस्थिति रही। मंच संचालन अनीता तोमर एवं सुमन यादव ने प्रभावशाली ढंग से किया।
इस अवसर पर देश के लगभग सभी राज्यों से चयनित 105 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान, नवाचार एवं समर्पित सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति, तकनीकी दल, स्वयंसेवकों एवं सभी सहयोगी सदस्यों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। पूरे समारोह में शिक्षा, सम्मान और प्रेरणा का वातावरण बना रहा तथा यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए अविस्मरणीय बन गया।




