
1. पौध रोपते फोटो खिंचवायी
फिर पौधे पर ध्यान नहीं ।
अखबारों में सुर्खियाँ पायी
एक झलक मुड़ देखा नहीं ।।
पौधा कोई कहीं भी रोपो
माता सम दायित्व मानो ।
बाड़ लगाओ , खाद लगाओ
नित सिंचन की आदत डालो।।
नन्हा पौधा बालकपन में
ध्यान चाहता , खास परवरिश ।
इनके पालन और पो षण में,
कोई उपेक्षा नहीं अपेक्षित ।।
बहु संख्या में काटे जा रहे
कहीं पर जंगल धधक रहे।
वसनहीन होती सी वसुंधरा,
दूर खड़े हम देख रहे ।।
बहुत हो चुकी लापरवाही
अब तो जागें , मनन करें ।
वन बिन जीवन नहीं सुरक्षित,
कर्त्तव्य का निज बोध धरें।।
श्रीमती विनोद शर्मा
रानीबाग, धामपुर।
जिला-बिजनौर,
उत्तर-प्रदेश




