
नशा करोगे जीवन का विनाश करोगे।
नशा करोगे धन संपत्ति से कंगाल रहोगे।
नशा करोगे अपने गृहस्थ जीवन से दूर रहोगे।
नशा करोगे कैंसर जैसी बीमारियों को गले लगाओगें।
नशा करोगे ईश्वर भी आपसे दूर रहेंगे।
नशा करोगे परिवार समाज सब आपसे दूर हटेंगे।
नशा करोगे जीवन नकारात्मक हो जाएगा।
नशा करोगे सोच नकारात्मक बन जाएगी।
नशा करोगे शरीर में कई तरह की बीमारियों से जकड़ जाओगे।
नशा करोगे धन का विनाश होगा।
नशा करोगे जीवन पर्यंत संघर्ष रहेगा।
नशा करोगे दुर्घटना भी आपको गले लगाएगी।
नशा करोगे समाज में परिवार में आपका अपमान होगा।
नशा करोगे आपकी संतान भी आपसे दूर चली जाएगी।
नशा करोगे जीवन नरकमय बन जाएगा।
नशा करोगे लक्ष्मी भी पास नहीं फटकेगी।
नशा करोगे जीवन शून्य हो जाएगा।
सुरेन्द्र कुमार बिन्दल कलमकार जयपुर।
स्वरचित-मौलिक रचना




