
मन में धीरज रख सदा, कुछ भी हो हालात।
क्रोध हर्ष में थाम तू, अतिशय उर जज्बात।।
बुरा लगे कोई वचन, दे मत पलट जवाब-
दुनिया में बदलाव की, खुद से कर शुरुआत।।२।
मन में धीरज रख सदा, कुछ भी हो हालात।
जानबूझकर मत करो, किसी हृदय आघात।।
आशा का दीपक जला, तेल कर्म का डाल-
सुखद सुबह होगी सखे, ढल जाएगी रात।।२।
स्वरचित
डॉ ऋतु अग्रवाल
मेरठ, उत्तर प्रदेश




