
डॉ रामशंकर चंचल की कृति, वो गली वो मकान, तहलका मचा देगी
डॉ अंजना मुवेल
वो गली वो मकान, इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित चर्चित रूह प्रेम कथाओं की वह अद्भुत कृति हैं जो चौकने वाली प्रतिक्रिया से पहले ही नवाजी गई है
सोशल मीडिया पर दस्तक देती, अमेज़न पर उपलब्ध हो विश्व धरा पर छाई हुई है जिसका बेसब्री से इंतजार हो रहा था, रूह प्रेम कथाओं की सहज सरल भाषा शैली में व्यक्त जीवंत और सजीव दर्पण है जो आने से पूर्व अपनी लघु कथाओं से प्रिंट मीडिया में दस्तक दे रही थी, जिसकी लगभग सभी कथाओं का प्रकाशन देश के ख्यातीप्राप्त दैनिक ग्राम टुडे, इंदौर समाचार पत्र, द्वारा प्रकाशित किया जा रहा था, उन्हें देख पढ़ कर पाठकों द्वारा और देश के ख्यातीप्राप्त लेखक और कवि द्वारा
उसे लेकर जो चौकने वाली प्रतिक्रिया थी अनेक अनेक सेकड़ो साहित्य साधक द्वारा, यह झाबुआ मध्य प्रदेश आदिवासी जिले को अमर कर देगी, अब झाबुआ मध्य प्रदेश जिला साहित्य के क्षेत्र में दस्तक देता विश्व धरा पर चर्चा है और महान व्यक्तित्व साहित्य साधक डॉ अंजना मुवेल जिसकी अनेक कथाओं की अद्भुत कृति चील गाड़ी, लघु उपन्यास और अनेक राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित है जो झाबुआ कन्या महा विद्यालय में प्रचार्य पद पर दस्तक दे साहित्य की दुनिया में छाई हुई सहज सरल व्यकित्व की धनी है उनका कहना है कि, डॉ रामशंकर चंचल जिन्होंने
उपलब्धियों के पहाड़ खड़े कर झाबुआ आदिवासी जिले को अमर कर देते हुए एक अद्भुत मुकाम हासिल कर आज भी उम्र के 68 साल में ऊर्जा वान है जो हम सभी के लिए प्रेरणा है,आदरणीय डॉ अंजना जी का कहना है कि आप की वो गली वो मकान, देश और दुनिया में छा तहलका मचा देगी
ऐसी अनेक सेकड़ो प्रतिक्रिया से पहले ही नवाजी गई यह कृति इंकलाब पब्लिकेशन बंबई द्वारा प्रकाशित हो आज अपने लक्ष्य पर दस्तक दे हजारों हजारों द्वारा सराही जा रही है बधाई और शुभकामनाएं दी जा रही है सम्पूर्ण देश और दुनिया से
प्रेम की पावनता और पवित्रता को दुनिया में सामने रखती यह एक कालजयी कृति होगी
धन्य धरा झाबुआ जहां डॉ रामशंकर चंचल ने जन्म लिया और आदिवासी जिले झाबुआ को साहित्य में विश्व पटल पर दस्तक दे अमर कर दिया




