साहित्य

अतीत से अब तक … फीफा विश्वकप फुटबॉल…

कार्तिकेय त्रिपाठी

मेजबान पर स्वर्ण फिर मेहरबान …

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विश्व फुटबॉल के मानचित्र पर देशो की बढ़ती संख्या और लोकप्रियता ने फीफा संगठन को बाध्य कर दिया कि फीफा फाइनल मेंं निर्धारित 24 देशों की संख्या में व्रद्वि की जाए, काफी सोच-विचार के बाद फाइनल मे 32 टीमों के प्रवेश को मान्यता दे दी गई। फलतः 52 की जगह मेचों की संख्या भी बढ़कर 64 हो गई। जो निश्चय ही फुटबॉल प्रेमियों के लिए हर्ष का विषय था ।

आठ समूहों में 48 लीग मेंच खेले गए , जिसमें 16 मेंच ड्रा रहे।यहां नार्वे नें ब्राजील को और नाइजीरिया ने स्पेन को शिकस्त दी।

नाक आउट चरण में ब्राजील ने चिली को,डेनमार्क ने ओलंपिक विजेता नाइजीरिया को 4-1के समान अंतर से पराजित किया,तोइटली ने नार्वे को,फ्रांस ने पराग्वे को,क्रोएशिया ने रुमानिया को 1-0 के समानअंतर से मात दी।

हाँलेड और जर्मनी ने कृमषः यूगोस्लाविया और मैक्सिको को 2-1 के समान अंतर से परास्त किया।अर्जेंटीना इंग्लैंड के संघर्ष पूर्ण टाइब्रेकर मेंच में अंततः अर्जेंटीना 4-3से जीत कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

क्वार्टर फाइनल में फ्रांस ने इटली को टाईब्रेक में 4-3 से ,ब्राजील ने डेनमार्क को 3-2 से व हाँलेड ने अर्जेंटीना को 2-1 से शिकस्त दी, पदार्पण विश्व कप खेल रहे क्रोएशिया ने तीन बार के विजेता जर्मनी को 3-0 के बडे़ अतर से हराकर स्पर्धा का सबसे अप्रत्याशित परिणाम दिया, हालांकि सेमीज में फ्रांस ने क्रोएशिया को लिलियन थूरम के दो गोल की मदद से2-1 से हराकर राहत की श्वास ली।दूसरे सेमीज में ब्राजील ने हाँलेड को टाइब्रेकर में4-2 से हराकर छठी बार फाइनल में प्रवेश किया। तीसरे स्थान के मेंच में क्रोएशियाई टीम ने उम्दा खेल दिखाया और हाँलेड को 2-1 से हरा कांसे का तमगा जीत ही लिया।

सेंटडेनिस स्टेडियम में घरु दर्शकों के उमड़ते सेलाब और जिनेदिन जिदान के करिश्माई दो गोल(27मि.,45मि.)एवं खेल समाप्ति के अंतिम क्षणो मे पेटिट के गोल से शानदार जीत(3-0) दर्ज कर नए विजेता का ताज पहना।

कुल 64मेंच में 171 गोल बने ,व पदार्पण में इतिहास रचने वाली टीम क्रोएशिया के कप्तान डेवूर सूकर को सर्वाधिक 6 गोल करने का सम्मान मिला।

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कोरिया-जापान (2002)

ब्राजील का चौथा स्वर्णिम स्पर्श

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21 वीं सदी के पहले फीफा विश्वकप में एक बार फिर सारी भविष्यवाणी और संभावनाओं को दर किनार करते हुए ब्राजील ने रेकॉर्ड चौथा विश्वकप जीता। इस बार एशिया से चीन, जापान और द.कोरिया ने अपनी चुनौती रखी,जापान कोरिया वेसे भी संयुक्त रूप से मेजबानी कर रहे थे , जहां द.कोरिया ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए दूसरे दौर में इटली की चुनौती को 2-1 से व क्वार्टर फाइनल में स्पेन को टाइब्रेकर में 5-3 से हरा कर सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।जहां एक सनसनी पूर्ण मुकाबले में जर्मनी ने 75 वें मि. में माइकल बेलेंक के दर्शनीय गोल की मदद से उसे परास्त किया ।सिडनी ओलंपिक विजेता पहले दौर से आगे नहीं बड़ सका ।

टर्की व सेनेगल छुपे रुस्तम निकले यहां क्वार्टर फाइनल में टर्की ने सेनेगल को गोल्डन गोल कर मात दी, पर सेमीज में उसे ब्राजील ने रोनाल्डो के 49वें मि. में किये गोल से हराया।

पर टर्की के प्रयास व्यर्थ नही गए, तीसरे स्थान के मेंच में द.कोरिया को 3-2से हरा कांस्य पदक जीत ही लिया।यहां टर्की के हसन सकूर ने खेल के मात्र 11 वें सैकंड में गोल कर नया कीर्तिमान बनाया ।

30 जून को याकोहामा के ऐतिहासिक मैदान पर पूर्वाध्द के गोलरहित अंत के बाद ब्राजीलियन खिलाड़ियों ने जर्मन डी पर तेज हमले किये, फलतः क्रिस्टियानो रोनाल्डो फिर रंग में आए और खेल के 67वें मि. में गोल ही नहीं किया बल्कि 12 मि. बाद एक और करिश्माई गोल कर जर्मन खेल की धार कूंद कर (2-0) अपना रैकार्ड चौथा खिताब जीत लिया।

64मेंचों में कुल 161 दर्शनीय गोल अस्तित्व में आए, और सर्वोच्च गोल करने वाले खिलाड़ी का नाम सबकी जुबान पर था रोनाल्डो के रूप में ।।

2006 के 18 वें विश्वकप की मेजबानी का जिम्मा मिला जर्मनी को, उसके रोमांच के लिए मिलते हैं कल….. तब तक के लिए राम-राम ….

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कार्तिकेय त्रिपाठी(राम)

इन्दौर , 7869799232

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