योग और काव्य का अनूठा संगम: अंबेडकर पार्क में गूँजीं स्वस्थ जीवन की स्वरलहरियाँ*…

*योग और काव्य का अनूठा संगम: अंबेडकर पार्क में गूँजीं स्वस्थ जीवन की स्वरलहरियाँ*…
दिल्ली (जी.टी.बी. एन्क्लेव): अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर अंबेडकर पार्क, जी.टी.बी. एन्क्लेव में एक अविस्मरणीय साहित्यिक आयोजन किया गया। ‘साहित्य उपवन रचनाकार’ एवं ‘लाइट ऑफ योगा’ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कवि सम्मेलन न केवल योग की महत्ता को रेखांकित करने वाला रहा, बल्कि इसने साहित्य और स्वास्थ्य के अद्भुत समन्वय से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का कुशल और दिलकश संयोजन एवं संचालन श्री दिनेश कुमार ने किया। अपनी ओजस्वी वाणी और परिपक्व शैली से उन्होंने पूरे कार्यक्रम को एक नई ऊँचाई प्रदान की। मंच पर काव्य पाठ के लिए प्रख्यात कवियों की उपस्थिति ने वातावरण को साहित्यिक गरिमा से ओत-प्रोत कर दिया। इस अवसर पर साहित्य उपवन रचनाकार के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. रोहित रोज एवं कोषाध्यक्ष डॉ. आर.डी. गौतम ‘विनम्र’, डॉ. राजबीर सिंह कमल, श्रीमती विशाखा बौद्ध, श्री दीपक नवरंग, श्री यदुवीर सिंह और श्रीमती भावना सेठ (सिम्पल भावना) ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को योग के प्रति प्रेरित किया। सभी कवियों की रचनाओं का केंद्रीय भाव ‘योग दिवस’ ही रहा। कवियों ने छंद, मुक्तक और गीतों के माध्यम से यह संदेश दिया कि योग मात्र एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पद्धति है।
डॉ. आर.डी. गौतम ‘विनम्र’ की मर्मस्पर्शी पंक्तियों…
प्रेम के गीत गा बोध है बुद्ध का।
चित्त निर्मल बना ज्ञान है बुद्ध का।।
दीप बनके जलो कर उजाला सही।
नाथ ख़ुद के बनो देसना बुद्ध का।।
ने जहाँ दर्शकों के अंतर्मन को झकझोरा, वहीं डॉ. रोहित रोज के छंदों ने कार्यक्रम को शिखर पर पहुँचा दिया। उनकी कालजयी पंक्तियाँ:
“कंचन सी काया मिली अंग-अंग अनमोल,
देख-रेख से इसकी गरिमा बढ़ाइए।
अच्छी आदतों से यह स्वयं ही संवरती है,
दुर्व्यसनों से इसमें रोग न लगाइए।
प्रतिदिन योग से ही तन-मन स्वस्थ रहे,
सुप्त यदि चेतना है उसको जगाइए।
जीवन का आंगन जो चाहते हो सुखमय,
‘रोज’ सुब्ह शाम आप योग अपनाइए।”
इन पंक्तियों पर पूरा परिसर करतल ध्वनि से गूँज उठा। दर्शकों की प्रतिक्रिया इस बात की प्रत्यक्ष गवाही दे रही थी कि कविताएँ सीधे उनके हृदय को स्पर्श कर गई हैं।
इस साहित्यिक आयोजन की शोभा बढ़ाने के लिए क्षेत्र की उप-विभागीय दंडाधिकारी (SDM) साहिबा विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। इस अवसर पर जी.टी.बी. एन्क्लेव कॉलोनी के सैकड़ों निवासियों ने भाग लिया और योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए काव्य का आनंद लिया।
अंत में, जलपान ग्रहण के उपरांत आयोजकों ने सभी कवियों, अतिथियों और उपस्थित नागरिकों का आभार व्यक्त किया। यह आयोजन भविष्य में स्वस्थ और संस्कारित समाज के निर्माण में एक मील का पत्थर सिद्ध होगा।




