
इंटरनेशनल योगा वॉरियर अवॉर्ड से सम्मानित किए गए डॉ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’
पर्यावरण प्रेमी तथा शिक्षाविद् डॉ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’ लब्धप्रतिष्ठ संस्थान रघुराज पीपलमैन फांउडेशन द्वारा इंटरनेशनल योगा वॉरियर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किए गए। सम्मान प्राप्त होने पर डॉ गुंजन ने कहा कि योग एक प्राचीन भारतीय जीवन शैली है, साधना और विज्ञान है, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है । संस्कृत में ‘योग’ शब्द ‘युज’ धातु से बना है, जिसका अर्थ है ‘जोड़ना’, ‘मिलाना’ या ‘एकजुट करना’। योग केवल शारीरिक व्यायाम या आसन करना नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है। योग का मुख्य उद्देश्य महर्षि पतंजलि द्वारा रचित ‘योग सूत्र’ के अनुसार, “योगश्चित्तवृत्तिनिरोधः” यानी मन (चित्त) में उठने वाले विचारों और भावनाओं की हलचल को शांत करना ही योग है। इसका उद्देश्य आंतरिक शांति, शारीरिक आरोग्य और आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करना है। योग एक ऐसा अभ्यास है जो बिना एक पैसे खर्च किये हमारे स्वास्थ्य की गारंटी का आश्वासन देता है। योग जीवन की समग्रता है। योग शरीर, मन, बुद्धि तीनों को सक्रिय तथा स्वस्थ करके जीवन के परम लक्ष्य तक पहुँचाने का कार्य करता है। योग का मतलब है जोड़ना, खुद में ऊर्जा को समाहित करना। प्राचीन काल से ही आत्मा परमात्मा के मिलन को योग कहा जाता रहा है। योग के द्वारा लोग अपने आप को निरोग रख सकते है योग एक धर्म नहीं है बल्कि यह एक विज्ञान है, कल्याण का विज्ञान, शरीर को नियंत्रित करने तथा मन और आत्मा का विज्ञान है। डॉ गुप्ता ने इसकी प्रासंगिकता पर बल देते हुए बताया कि आज के परिदृश्य में योग को अपनाना अत्यंत आवश्यक है।
-डॉ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’
संस्थापक व अध्यक्ष, वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी
प्रयागराज, उत्तर प्रदेश




