साहित्य

जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं आपको

डाक्टर महिमा सिंह

धीर धरते सुंदर से भाव भर

हर नाता निभाते नयी राह दिखाते ।

स्नेह आशीष लुटाते भरपूर।

मन भाव सभी सुंदर ,

सुधीर जी की हर बात निराली ।

साहित्य सनातन का सुधीर सवाली।

हर आचरण वरण करने योग्य।

रचते नित नया कीर्तिमान

हर विधा को साधा अर्जुन सा ।

उनकी हर अभिव्यक्ति, सृजन भरती है नवचेतना का ।

उपलब्धियां इतनी फिर भी सरल सहज से धीर वान

दादा हम सबके सुधीर ।

वंदन करती ये भगिनी महिमा

देती शुभकामनाएं आपको

शुभ जन्मदिन की आपको।

यूं ही स्नेह आशीष आपका मिलता रहे अविराम।

 

स्वरचित

शब्द मेरे मीत

डाक्टर महिमा सिंह

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