
जय जय बाबा विश्वनाथ की, जय काशी का धाम.
पुण्य हमारे उदय हुए, पहुंचेंगे बनारस धाम..
सादर शिव को शीश नवाऊं, जय जय जयति भवानी.
काशी की माटी यह पावन कह गए ऋषि मुनि ज्ञानी..
इंद्रजीत के आमंत्रण पर हम काशी मे आये.
जन्म दिवस की बहुत बधाई, बड़े बड़े कवि आये..
मंगलमय जीवन हो तुम्हारा, कृपा प्रभु की पाओ.
मां शारदे की सेवा मे, तुम हरदम बढ़ते जाओ..
सपरिवार सुख शान्ति मिले, जीवन मे नित उन्नति पाओ.
गणपति जी की कृपा रहे नित, मित्रों की प्रशस्ति पाओ..
” शिव ” देते आशीष तुम्हे नित, सानुकूल हो भगवान.
दुर्गा माँ कृपा बरसावें, मंगल करें हनुमान..
आदरणीय इंद्रजीत तिवारी, ” निर्भीक ” कुल सचिव काशी विद्या पीठ, वाराणसी, वरिष्ठ साहित्यकार, मां शारदा के आराधक, रिकॉर्ड हिंदी साहित्य के प्रचार, प्रसार और संवर्धन मे महनीय योगदान कर्ता को उनके जन्मदिन 12 जुलाई 2026 को बहुत बहुत बधाई एवं हार्दिक शुभकामनायें.




