
गुरु पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा चली आ रही युगो युगो से है,
परंपरा गुरु शिष्य सदा ही सनातनी सु विधान हो,
गुरु वेद व्यास जी के ” अवतरण दिवस गुरु पूर्णिमा कहलाती है,
मुड़िया पूर्णिमा भी बोला जाता है,
गुरु ही मार्ग दिखाते गुरु ही हमें सद्गति दिलाते,
जिस सद मार्ग को गुरु बताते उसी राह शिष्य चलते तो पक्के सनातनी बन जाते,
गुरु पूजा का यह पावन दिन, भक्तों में अनुभूति अद्भुत देता है,
श्रद्धा भाव और समर्पण गुरु के प्रति जो रखता है,
वह गुरु आशीर्वाद का फल लेने वाला होता है,
हर जगह से निराश व्यक्ति गुरु की शरण में जब जाता है,
तो अपने दुख दर्द दूर कर में भक्ति में मिल जाता है,
गुरु का ज्ञान जरूरी है गुरु के बिना जीवन लीला अधूरी है।
सनातनियों के लिए तो गुरु पूजा एक परंपरा की तरह आगे बढ़ती जा रही है।।
गुरु पूर्णिमा पर सभी को बहुत-बहुत हार्दिक बधाई ।।
योगेश्वरी भारद्वाज
कोसी कलां उत्तर प्रदेश




