
साठ के होने पर
घबराना नहीं,है
अब जीवन में
मुस्कुराना सही है
जिम्मेदारियों का
भार हुआ हल्का,
अब खुद से मिलने का वक़्त है अच्छा।
सेहत पर ध्यान, दो
मन को सँवारो,
हर दिन को नये
रंग से निखारो।
खान–पान में रखो ध्यान
सादगी से जीवन सवारों
यही है उम्र की सबसे अच्छी तैयारी।
अब न भागना
किसी दौड़ में
आराम से चलो,
संतोष रखो मन में
साठ साल की ये
यात्रा है बहुत महान,
अब खुद के संग जीना है
यही है नया जहान।
पूनम त्रिपाठी
गोरखपुर ✍️




