साहित्य

महामना मदन मोहन मालवीय

महामना मदन मोहन मालवीय

“जनमानस के विचारों में उदित हुआ महामना मालवीय रूपी सूर्य,
ज्ञान की ज्योति से जगमगाया भारत का भविष्य।
वाणी में सरस्वती, हृदय में गंगा की धारा,
महामना के रूप में आया भारत का उद्धार।

विद्या का दीपक जलाया, अज्ञानता का अंधकार हटाया,
भारत की आत्मा को जागृत किया, स्वतंत्रता का मार्ग दिखाया।
महामना के विचारों से भारत की धरती उर्वर हुई,
ज्ञान की गंगा बह निकली, भारत की जनता का जीवन बदल गया।

महामना मालवीय का सपना था, भारत को विश्व गुरु बनाना,
ज्ञान और संस्कृति के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाना।
आज भी उनकी वाणी, उनके विचार हमें प्रेरित करते हैं,
भारत को आगे बढ़ने के लिए, हमें उनका अनुसरण करना चाहिए।”

यह कविता महामना मदन मोहन मालवीय की महानता और उनके विचारों को दर्शाती है, जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता के मार्ग पर आगे बढ़ाया और ज्ञान की ज्योति से जगमगाया।

कार्तिक नितिन शर्मा

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