
भारत रत्न हुए अटल बिहारी बाजपेयी जी,
जन्मे पच्चीस दिसम्बर उन्नीस सौ चौबीस।
स्वदेश हित काम करके, सारी उम्र गुजारी,
उनकी स्वर्णिम आभा से चमकी दुनियाँ सारी।
कुशल नेतृत्व ,बनाई भारत की पहचान,
कारगिल युद्ध से मिली प्रतिष्ठा गूंजे थे फरमान।
जय- पराजय को राजनीति में दिया नहीं है मान,
करे न कोई सौदा सिद्धांतो का अटल महान।
आर एस एस रहे प्रचारक ले अविवाहित संकल्प,
बहुत पुराने जनसंघी थे संसद दल के नेता।
अटल बिहारी बाजपेयी कवि वक्ता थे पत्रकार,
पांचजन्य पत्र संपादन सिद्ध हस्त कलमकार।
पोखरण परमाणु परीक्षण करके नाम कमाया था,
भारत दुनियाँ में कम नहीं एहसास कराया था।
सौ वर्षों से अधिक पुराना कावेरी जल विवाद,
बिना विवाद शांति पूर्ण तरीके से सुलझाया था।
शांति दूत प्रहरी थे भारत लाहौर बस को चलाया ,
अखण्ड कर्तव्य निष्ठ भारत रत्न सम्मान पाया था।
आप अटल रहे अपने सिद्धांतों से सदा अटल
अटल होअटल हो अटलहो अटल रहे अटल रहोगे।
डॉ उषा जलकिरण
छतरपुर मध्यप्रदेश
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