साहित्य

नव वर्ष का आगमन

डॉ. अनीता शाही सिंह

नवल प्रभात देकर विश्व को
जगत का हरो अंधियारा
दो तुम नई आशा हर मन को
बोलें सभी प्रेम की भाषा
सभी समझें जीवन की सच्चाई
कटुता की सब खाई पाटे
सदभाव जगे जन जन में
और हर घर में फैले उजियारा
स्वागत है तुम्हारा नव वर्ष
महकी हुई बहारों की खुशबू लाया है नव वर्ष
गुनगुनाता हुआ दिल में उमंग लेकर
झूमकर आया है नव वर्ष
बुरा करें नहीं हम किसी का
सीखें मानवता का पाठ
नव संकल्प करें हम
मधुर सच्ची वाणी बोले हम
सभी के लिए मंगलमय हो नव वर्ष
स्वर्णिम और सुखद हो भविष्य सभी का
मिटे जीवन से अंधकार
सभी को खुशियां मिले।।

डॉ. अनीता शाही सिंह
असिस्टेंट प्रोफेसर
प्रयागराज

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