
नव वर्ष हो, नव हर्ष हो।
नव वर्ष में नव उत्कर्ष हो।
नव आस हो नव प्रकाश हो।
नव वर्ष में कोई न निराश हो।
पास अर्थ हो, अनीति न अनर्थ हो।
नव वर्ष में कार्य न व्यर्थ हो।
दुखों का नाश हो, दुष्टों का विनाश हो।
सबके साथ सबका विकास हो।
सबकी प्रगति हो, ठीक सब मति हो।
बात नहीं अति हो,आदर सबके प्रति हो।
रोजी रोजगार हो, कोई न बेरोजगार हो।
सरकार से नहीं कोई तकरार हो।
परिवार में नहीं कोई रार हो।
सुख समृद्धि हर परिवार हो।
प्रेमा पटेल
मुंबई




