साहित्य
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मनकापुर *गोंडा):
मनकापुर *गोंडा): डिजिटल सिटी ऑफ इंडिया के नाम से प्रसिद्ध आई टी आई लिमिटेड कालोनी में आज प्रात: 12 वा…
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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस*
को मंदिर मानकर, मन को बना पुजारी। योग करे जो हर दिवस, कटे रोग बीमारी।। सूरज की पहली किरण…
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हिंदी साहित्य का इतिहास के अंतर्गत द्विवेदी युग की प्रवृत्तियाँ विषयक ऑनलाइन संगोष्ठी सम्पन्न हुई
हिंदी साहित्य का इतिहास के अंतर्गत द्विवेदी युग की प्रवृत्तियाँ विषयक ऑनलाइन संगोष्ठी सम्पन्न हुई वागीश्वरी काव्य निर्झरिणी, प्रयागराज,…
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पिता-स्मृति
ता से माँगा कुछ नहीं, मिला स्नेह भरपूर। उनके रहते दूर थे, जीवन के सब शूल॥ प्यार दिया, विश्वास…
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पिता का मौन त्याग
की फीस के लिए अपनी चाय फीकी कर दी, नई कमीज की चाहत को हँसकर पुरानी कर दी, दिन भर…
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
की पहली किरण संग जब तन को मोड़ा, साँसों की डोर से जब मन को जोड़ा, तब जाना योग नहीं…
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मनहरण घनाक्षरी
सरयू को छोड़कर, मुँह को मोड़कर, पिता-वचन निभाने , वन को जाइए। संग सिया सुशील हैं, लक्ष्मण भी अधीर हैं,…
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मेरे टूटे हौसले को बल देना।
व तुम मेरी हर मुश्किल हरना। जहाँ रोकर लौटे थे हम कल, वहीं आज हँसने का बल देना। ज़ख़्मों को…
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कुआँ पुजन की बेला आई गीत
बड़ा सुहाना दिन आया, कुआँ पूजन दिवस लाया। चली जच्चा शिशु के संग, घर से बाहर प्रथम बार। लेने…
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वे कद्दावर नेता हैं
नेता हैं। उनकी अपनी जमीनी हकीकत है। जहाँ जाते दुनिया उनको सलाम करती। उनका अपनापन जनता में है। साफ-सुथरे मन…
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