साहित्य
-
सुबह शाम जो बर्तन धोता
जब मिली ना कोई लिफ्ट हमें ,तो ख्याल ये मन मे आया। घर तक दौड़े ऑटो के पीछे,दस का नोट…
Read More » -
कुश त्रिवेदी, उम्र 4 साल व्यस्त, मस्त , अपनी अद्भुत कला संग
यह है मनीष रूपी त्रिवेदी के बेटे कुश त्रिवेदी परीक्षा से मुक्ति हो गए दादा डॉ रामशंकर चंचल के साथ…
Read More » -
खुशी
मैंने खुशी से पूछा— “तू मिलती क्यों नहीं?” खुशी मुस्कुराकर बोली— “मैं छुपी नहीं हूँ, तुम ढूँढते गलत जगह हो।”…
Read More » -
मैंने इनता कुछ खोया हैं
मैंने इनता कुछ खोया हैं अब पाने से डर लगता हैं, मेरे जीवन में आने वाली,खुशियों से भी डर लगता…
Read More » -
कर्म , कृत्य , काम
कर्म कर तू कर्म कर , कर्म में ही धर्म कर । न रो पछता भाग्य पे , कर्म में…
Read More » -
हर दिन नारी का
मुझे किसी एक दिन की रोशनी नहीं चाहिए, मैं तो सूरज की तरह हर सुबह उगती हूँ। संघर्ष की धूप…
Read More » -
अजेय योद्धा अहिल्याबाई होल्कर
वीरांगना अजेय योद्धा रहीं,अपराजिता कहाती थी। कवियों और कलाकारों को,सम्मान सहित बुलाती थी। भारतीय नारी के हित में, किए अनेकों…
Read More » -
नवरात्रि से पहले
पहले तो स्वीकारिए मैया मेरा प्रणाम और ध्यान से तब सुनो बात मेरी अविराम फिर जो करना है, कीजिए आगे…
Read More » -
.माँ की गोद
माँ की गोद आज जिन्हें मयस्सर हो गई कितने खुशनसीब है जन्नत नसीब हो गई मिलता नहीं है जिन्हें कभी…
Read More » -
नव संवत्सर
आगत है नव संवत्सर की बेला, लाएगी संग अनगिनत बहारें । माता का दरबार सजेगा गुड़ी पड़वा का पर्व मनेगा।…
Read More »