साहित्य
-
एक ग़ज़ल:
मेरे ऊपर जो तेरी सरपरस्ती है, जिन्दगी में इसी से छाई मस्ती है! तेरा साया सुकूँ देता, मुहब्बत का, वरना…
Read More » -
नववर्ष हो मंगल मंगल
नवसंवत में मंगल मंगल हे प्रभु रखना सबका मंगल हर पल सबका मंगल मंगल प्रभु जी रखना सबका मंगल बीत…
Read More » -
हे माँ दुर्गा पापनाशनी,तेरा वंदन बारम्बार है
श।।1।। सुबह शाम की आरती और माता का जयकारा। सप्ताह का हर दिन बन गया शक्ति का भंडारा।। केसर चुनरी…
Read More » -
कण कण में, बसे राम
राम शब्द ही राम की,अद्भुत उपस्थित की,अहसास है सृष्टि के कण कण में बसा राम सृष्टि विकास का उन्नति का…
Read More » -
राम तेरी आवश्यकता है
आ जाओ पुनः धर्म धरा पर, राम तेरी अवश्यकता हैं। न रहा मर्यादा जग जहां मे, हर प्राणी की यही…
Read More » -
मैय्या ही मैय्या
दिन दुर्गा मां के आए हैं, सब प्रेम भरा अब रस घोलो, तन-मन सब भक्ति के रंग में, बस मां…
Read More » -
अंधियारे पथ में दीपक
मन मंदिर में दीप जला, जब नाम तुम्हारा गाया है अंतर की हर पीड़ा ने तब, मीठा गीत सुनाया है।…
Read More » -
खिड़की पर ठहरी धूप
खिड़की पर ठहरी धूप ने, धीमे से दस्तक दी आज, नींद भरी आँखों में भर दी, सुनहरी सी एक नई…
Read More » -
धोखा
टालते जा रहे हैं ज़िन्दगी को मौत को हमने गले लगाया है!! सफ़र के जैसी है ज़िन्दगी भी कल मौत…
Read More » -
एक वोट अपना कम हो गया रे (हास्य-व्यंग्य)
छुटका नेता विधायक बनने का सपना पाले थे। सबसे पहले समाज सेवा करना अनिवार्य तत्व है। नेताजी गरीब से गरीब…
Read More »