साहित्य
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मन मेरा डोले भोले
कहां-कहां मन मेरा डोले, पवन गति से इत-उत दौड़े, समय की घड़ियां रुक नहीं सकतीं, सार समझ ले रे मन…
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रसोई में सन्नाटा
लो रसोई में सन्नाटा छा गया लगता सिलेंडर खत्म हो गया जब से किल्लत बढ़ी बाजार में एक नया सवाल…
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सोशल मीडिया का संसार
हथेली में सिमट गया है अब पूरा जगत का विस्तार, एक क्लिक में जुड़ जाते हैं दिल से दिल, विचार…
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एकतरफ़ा कहानी
लोगों ने वही सुना जो ज़ोर से बोला गया, वही आवाज़ जिसने गर्व से कहा। उसने उसे अस्थिर कहा, टूटा…
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फायकू पगडंडी
पगडंडी कहती चलना सीखो राह भले छोटी तुम्हारे लिए कदम-कदम पर धूल हौसला भरा हो तुम्हारे लिए वन छाया साथ…
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इश्क़ सूफ़ियाना
इश्क़ अगर रूह से रूह का तराना हो, तो हर धड़कन में बस एक फ़साना हो। ना चाहत में कोई…
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अब दिल नहीं चाहता किसी को भी
दिल को अब किसी सहारे की तलब ही नहीं, इतनी ठोकरें मिली हैं कि खुद पत्थर हो गए । अब…
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आसान
किसी शाम ज़िन्दगी ने दस्तक दी किसी शाम हम ज़ार-ज़ार रोए!! वफ़ा का उनसे वादा तो नहीं था ऐसे मिले…
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अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल की पहल सलाम योग्य है
अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल की पहल प्रसंसनीय है अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक मंच साहित्य अर्पण एक पहल का कार्य…
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ओस की बूंद
ओस की बूंद सा है, ज़िन्दगी का सफ़र। कभी फूल में तो, कभी धूल में। टपक कर कण कण पर,…
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