साहित्य
-
ये सिलेंडर की मारामारी फिर फैल गई
ये सिलेंडर की मारामारी फिर से क्यों फैल गई, भ्रष्टाचार की धूल से फिर हवा मैली हो गई। रसोई की…
Read More » -
ग्लोबल वार्मिंग के दुष्प्रभाव को कैसे रोका जाए
आज पूरी दुनिया जिस बड़ी समस्या का सामना कर रही है, वह है ग्लोबल वार्मिंग। पृथ्वी का बढ़ता तापमान प्रकृति…
Read More » -
असमंजस (हास्य-व्यंग्य)
मंदिर में खड़े -खड़े आख़िर भगवान जी का मन भी उकता ही गया। कहाँ आ फंसे वे। जो भी यहाँ आता…
Read More » -
जादुई घोड़ा
था जादुई घोड़ा राणा का वो, हवा से बातें करता था। उसकी चाल के आगे तो, हवा भी मद्धिम लगती…
Read More » -
दो सहेलियों का मधुर मिलन (हास्य-व्यंग्य)
गीता और सीता दो सहेली थी। दोनों में मधुर संबंध था। दोनों बहुत दिनों के बाद मिली थी। दोनों ऐसे…
Read More » -
अपनी मुस्कुराहट नहीं छोड़ते हैं
कांटों में खिल मुस्कुराता है गुलाब, जीने की अदा सिखाता है गुलाब, ऐसा ही होता है गुलाब का अंदाज, कांटों…
Read More » -
मन मेरा डोले भोले
कहां-कहां मन मेरा डोले, पवन गति से इत-उत दौड़े, समय की घड़ियां रुक नहीं सकतीं, सार समझ ले रे मन…
Read More » -
रसोई में सन्नाटा
लो रसोई में सन्नाटा छा गया लगता सिलेंडर खत्म हो गया जब से किल्लत बढ़ी बाजार में एक नया सवाल…
Read More » -
सोशल मीडिया का संसार
हथेली में सिमट गया है अब पूरा जगत का विस्तार, एक क्लिक में जुड़ जाते हैं दिल से दिल, विचार…
Read More » -
एकतरफ़ा कहानी
लोगों ने वही सुना जो ज़ोर से बोला गया, वही आवाज़ जिसने गर्व से कहा। उसने उसे अस्थिर कहा, टूटा…
Read More »