साहित्य
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अब पछताए होत क्या, जब चिड़िया चुग गई खेत – लोकोक्ति
पोते ने पूछा दादा जी दादा यह मुझे बताना, कहे चिड़ी खेत जब चुग गई फिर होता क्यों पछताना? दादा…
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स्वतंत्रता
सेनाएँ तैनात हैं, तेज घाम अरु शीत। सैन्य सभी गाते सदा,देश प्रेम का गीत।। मंदिर घण्टी सुन उठे,सुनकर उठे अजान।…
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ज्ञान का भंडार दे माँ
ले मुझे अपनी शरण में, शारदे तू तार दे माँ । शब्द में हो भाव अनुपम, लेखनी में धार दे…
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सरस्वती वंदना
हे वरदायिनी मां वीणावादिनी मां नव नभ में नव गीत भर दे नव लय नव स्वर भर दे हे ज्ञानदायिनी…
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ऋतुराज बसंत
आया माघ-शुक्ल फूले वन-वन-आँगन पलाश, धरती का अद्भुत होए शृंगार रे! मुस्काए बसंत ऋतुराज रे, मुस्काए बसंत ऋतुराज रे। कण-कण…
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बसन्त
हिय जिय मनवा से हो गइल,सब ऋतुअन क अन्त। नयन पुष्प सबकर खिलल,छाइल ऋतुराज बसन्त।। छाइल ऋतुराज बसन्त,माघ शुक्ल पंचमी…
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गजल
सोच को सुंदर बनाएं शारदे। प्यार की भाषा सिखाएं शारदे।। लेखनी में भाव सुंदर हों मृदुल , ध्यान में चिंतन…
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साक्षात्कार
क्या हुआ रजत ! आज तो आपका साक्षात्कार है। फिर आज सुबह -सुबह ऐसा क्या हुआ कि आपको शराब का…
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उल्लू हैं
उल्लू हैं और उल्लू के पट्ठे हैं देश सारा इनके सदके है। जो लगा रहे नारे सड़कों पे थोड़ा गुनाह…
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