साहित्य
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नज़्म – गुरूर
ऐ बंदे आख़िर गुरूर किस बात का है, धर्म का,नस्ल का या कि जात का है? मिट्टी से बना है…
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धर्मराज युधिष्ठिर का अर्ध सत्य………….
गंगा पुत्र भीष्म ने जब कुरुक्षेत्र की भूमि पर,, कुंती पुत्र अर्जुन के बाणों से, घायल होकर,, बाणों की सैया…
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मां, पुण्यतिथि
मां, पुण्यतिथि,,,, मां तेरी यादों को समेटे जिंदा हूं और तेरे साथ सदा ही महसूस करता हूं जानता हूं मां…
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धूप
अब धूप मेरे घर तक नहीं आती ये ऊँची अट्टालिकाएँ और प्रदूषण राह रोक लेती हैं सोचती हूँ दूर कहीं…
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उदाहरण पेश करके नहीं उदाहरण बन कर दिखाओ
****** उदाहरण पेश कर नहीं उदाहरण बन कर दिखाओ। चुनौती के सामने तुम अपना सीना तन कर दिखाओ।। ****** मत…
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बस धीरज का छोर न छूटे
मुखड़ा आँधी आए, तूफ़ाँ टूटे, राह भले ही कठिन बहुत हो। टूटे सपने, छूटें अपने, बस धीरज का छोर…
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कोहरे में
कोहरे में मैं कुछ दूर चला बहुत लोग ठिठुरे हुये मिले कुछ आग तापते मिले कुछ सड़को पर पन्निया बीनते…
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हंस
दि ग्राम टुडे न्यूज़ पोर्टल दिनांक:-17-01-2026 बनो विवेकी नीर क्षीर का, पाओगे सम्मान। तब गुणवान कहे जाओगे, जब असली पहचान।।…
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अधजल गगरी छलकत जाए – लोकोक्ति
पोता ने दादा से पूछा मुझको बात बड़ी उलझाती, सभी लोग ऐसा क्यों कहते अधजल गगरी छलकत जाती। ज्ञान पास…
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