साहित्य

  • आनंदवर्धक छंद

    जान लो तुम इस हृदय की कामना। पढ़ सदा लो शब्द उपजी भावना।। हाथ जोड़े मैं करूँ यह याचना। नैन…

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  • मकर संक्रांति

    लोहड़ी,मकरसंक्रांति और ओणम फसलों के त्यौहार तुम्हारे लिए दिशा बदली सूर्यदेव ने लगा बदलने मौसम तुम्हारे लिए कपिलमुनि आश्रम पहुंची…

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  • जनवरी का जाड़ु

    हाड़ कपावत जाड़ इउ पड़त नहीं है चैन, कोहिरा करिआ है बहुत,खुलते नहीं हैं नैन, दस बजि गा पर मन…

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  • मौन

    मौन क्या है..?? अनगिनत कटु शब्दों का प्रायश्चित है…. एक मौन..! अनगिनत श्वासो में मृत्यु है…. एक मौन…! अनगिनत अपेक्षाओ…

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  • वन गमन

    जनक दुलारी, हे सुकुमारी, कैसे तुम,वन को जाओगी। पंथ कटीले,अहि जहरीले, कैसे तुम,रैन बिताओगी।। सुन प्रिय सीते, हे मनमीते, आप…

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  • जनवरी की ठंड

    जनवरी की ठंड ने भी क्या -क्या किया कमाल अच्छे-अच्छे लोगों का कर दिया बुरा है हाल हाथ थर-थर है…

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  • बोलती रचनाओं का काव्य संग्रह – अभिव्यक्ति अल्फाजों की

    वैसे तो कोरोना ने समूची दुनिया को हिला कर रख दिया था। किंतु ईमानदारी से कहें तो इसी कोरोना ने…

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  • इंतजार

    जीवन के सफर में मिले अनेक दोस्त, कुछ बिछड़ गए तो कुछ ने दिया साथ, जो बिछड़ गये मिलने को…

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  • पतंग

    जिंदगी है छोटी सी,थोड़ी सी है आशा, जिंदगी में कुछ पल मुस्कुरा ले छोड़ दे निराशा। दूर गगन में उड़ती…

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  • ये डॉक्टर भगवान क्यों होते हैं

    जब साँसें टूटने लगती हैं और उम्मीद दम तोड़ रही होती है, तब सफ़ेद कोट में लिपटा हुआ एक इंसान…

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