साहित्य
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भ्रष्टाचार की कोख से जन्मा
भ्रष्टाचार की कोख से जन्मा हर घपला नित लाल नया बस हर बार यह महंगाई बढे जब भी आता साल…
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जाग सखे अब (तमाल छंद)
दिनकर निकला है प्राची के छोर। जाग सखे अब हुई सुहानी भोर॥ कोयल गाती गीत सुनाती बाग। मधुकर मीठे…
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उम्र क्या करेगी
विद्या पाने की कोई,होती नहीं उमर। शिक्षित होंगे सब अगर,नहीं करेंगे समर।। दादी गाड़ी सीख रही,देखो अस्सी उमर। हुनर होता…
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शांति की देते पैगाम
वीर सपूतों की पावन धरती को करता हूँ मैं बारंबार नित्य प्रणाम जिसने दी है ये। तन मन की…
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पिंडदान
पिंडदान का क्या करना,जब जीते जी नहीं खिला पाए, जिसने त्यागे सपने अपने,उनको नहीं जिला पाए, अरे जबतक है…
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भारत की भाषा हूँ मैं हिन्दी
पहचानों अपनी भाषा को भारत की भाषा हूँ मैं हिन्दी भारत माता का मैं हूँ श्रंगार सम्पूर्ण विश्व में…
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स्वामी विवेकानंद जयंती
नरेंद्र से विवेक बने, भारत का उजियार, ज्ञान–दीप से जगमगाया, मानवता का संसार। रामकृष्ण के चरणों से, पाया सत्य…
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नरेंद्रनाथ दत्त, स्वामी विवेकानंद
इनका वास्तविक नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। इनके पिता श्री विश्वनाथ दत्त कलकत्ते के उच्च न्यायालय में वकील थे। वे बड़े…
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तल्ख़ी
उनके मेरे दरमियांँ फ़ासला क्यों है वह पराए होकर भी मेरे अपने क्यों है!! वक्त के साथ इंसान भी बदल…
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युवा दिवस
स्वामी विवेकानंद जयंती जन जन मन रहे ये दुआ , जन जन मन रहे ये युवा । जन मन बसते…
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