साहित्य

  • मैं तेरी आँखों से

    मैं तेरी आँखों से,रुख़सत होकर किधर जाऊंगा। नजर फेर के देख लेना, हर नजर में नजर आऊंगा।। मुहब्बत का राग…

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  • सुकुन ढूँढने निकल पड़ा हूँ

      सुकुन को ढुंढने घर से निकला हूं हर मोड़ पे खोज लेना है      उन्हें कब तक हमसे…

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  • लोरी

    धीरे से आ …जा , आ …जा …री निंदिया आ …जा …,चुपके से आ …जा …, सो रही है मेरी…

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  • गीतिका

      पहली पाती रूक्मणि लिखतीं,केशव प्यारे आओ। प्रीति हृदय की जुड़ी तुम्ही से,प्रीति नहीं ठुकराओ।। भ्रात-पिता शिशुपाल चुने हैं,मगर न…

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  • सावित्रीबाई फुले : नारी चेतना की अमर मशाल

      महाराष्ट्र की पावन धरती पर, जन्मा एक उज्ज्वल भोर, तीन जनवरी अठारह सौ इकतीस, इतिहास हुआ मुखर शोर। सावित्री…

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  • मां मेरी

      वो खाट कहां से लाऊं जिस पर दादी लेटा करती थी, घुंघट काढ़े तब मां मेरी हुक्का पहुंचाया करती…

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  • सावित्रीबाई फुले जयंती विशेष

      शिक्षा खड़ी करती है एक छोर से दूसरे छोर तक, अंत्योदय से उदय तक। सावित्रीबाई ने जलायी बालिका शिक्षा…

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  • सच्चाई की ताकत

      पावर इतना रखो कि कोई, गलत बोलकर तुम्हें हिला न सके, तेरी चुप्पी में इतना वजन हो, कि झूठा…

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  • माँ

    जीवन का आधार जगत में,केवल माँ की गोद। उसके ऑंचल में पलता है, जनम- जनम का मोद।। दूध पिलाकर जीवन…

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  • नववर्ष

      नववर्ष तुम्हारा स्वागत है! तुमसे करना एक वादा है। संकल्प लिया मन में मैंने , आज पूरा करने का…

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