साहित्य
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मौसम नर्म हुआ मनमीत
सर्द हवा अब नित्य सुहावन मौसम नर्म हुआ मनमीत। नित्य सुहावन है मनभावन होठ सजे शुचि श्रव्य सुगीत॥ कोयल नित्य…
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कलमकार का धर्म
सदा सत्य की राह दिखाएँ कलाम कर का धर्म। पाठक भी जागृत हो जाएँ शब्द शब्द हो नर्म। कोरोना से…
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नव वर्ष तेरा बार-बार अभिनंदन करना है
1 नववर्ष तेरा बार-बार अभिनंदन करना है। तुझकोअब पीड़ा दर्द हर मन से हरना है।। करनीआलोकित धरा नवप्रभात किरणों से।…
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व्यंग
“”बोलो बन्दे मातरम, भूखे, नंगे, मोहतरम, अबला पर है बिपदा भारी, पुलिस बूथ में उतरी सारी, रेल में जाती बजती…
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वैदिक विचार व कर्म..३
है यज्ञकर्म कराता आत्मशुद्धि धैर्य शुचिता बलबुद्धि विशुद्ध । हवि फैलाता पावनता सर्वत्र,मंत्र कराता मन वाणी कर्म शुद्ध।। यज्ञ कर्म…
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राधाकृष्ण सा प्रेम
ना खोल वो पुराने खत , उन्हें बंद ही रहने दो ना राज है जो तेरे मेरे बीच में, उन्हें…
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जाते हुए वर्ष में परिवर्तन क्या खास हुआ
नदी किनारे बैठ गया मैं, कागज और कलम लेकर । कहाँ खड़ा था, कहाँ खड़ा हूँ, जाता साल मुझे देकर…
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नूतन वर्ष
नए वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं नया सूरज, नई किरणें, नया एहसास आया है, सुनहरी धूप लेकर फिर, नया उल्लास आया…
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मेरी दृष्टि
मेरी दृष्टि वहां तक जाती है उन बस्तियों तक जिन बस्तियों में झेलता गरीब का तन विवशता से लड़ता लाचारी…
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