साहित्य
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मित्रता
बाग में मिलने सनम से रोज़ हम जाने लगे देख कर अपनी मुहब्बत फूल मुस्काने लगे खूब झाड़ा और तराशा…
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वीर-घोष
फुसफुसाहट नहीं, हुंकार की पहचान है, उत्तर की रणभूमि में गूंजा यही ऐलान है। चेहरा एक, दिशा एक, ध्येय का…
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माँ
जन्मदात्री से पालिका,सेविका,शिक्षिका औ मित्रता का भाव लिए माँ तो बस माँ होती है। न दिन को दिन,न रात को…
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बहू की व्यथा
सासू मेरी बड़ी सयानी , छीने मेरा दाना पानी । देती बात बात पर ताने , ससुरे की भी बात…
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लघु कथा पेट्रोल पंप
बड़ी अजीब जिंदगी है साहब , अहसास के तले जीना , यादों को समेटे रहना जीना सचमुच बहुत मुश्किल होता…
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खोदा पहाड़ निकली चुहिया – लोकोक्ति
खोदा पहाड़ निकली चुहिया बात कही जो जाती, दादा जी मुझको समझाओ नहीं समझ में आती। दादा बोले पोते से,…
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मैं भी कलमकार हूँ…
मैं भी कलमकार हूँ, शब्दों का रखवाला, हिंदी की माटी में पला, भावों का उजियाला। मेरी कलम से बहती है…
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मानव श्रेष्ठ प्राणी
वीणा सम वाणी हो , प्राणी हेतु पाणि हो , श्वान् सम घ्राणि हो , प्राण से प्रिय प्राणी हो…
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विश्व कैंसर दिवस
नशा छोडते नहीं हैं लोग, बीमारी को भोग। कैंसर जैसा दुखदायी ये, हुआ भंयकर रोग। जीवन बर्बाद करे सबका, दुखी…
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ये कागज के फूल
विषय : ये कागज के फूल क्षण भर के कागजी सजावट , दिखे सुंदर ये कागज के फूल । गिर…
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